आपके किचन मे ही छुपा हे ये औषध,शरीर की कई सारी बीमारिओ को भगा देगा फटाफट।

हर किसीके किचन मे पाया जाने वाला ये मसाला है कई बीमारियों का इलाज, आज ही जाने ये कोनसा मसाला है और इसके क्या क्या फायदे है। 

गरम मसालों में प्रमुखता से प्रयोग होने वाला तेजपत्ता, आपकी सेहत के साथ-साथ सौंदर्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसका उपयोग ज्यादातर पंजाबी रेसीपि मे किया जाता है। इससे रेसीपीक स्वाद दोगुना हो जाता है। इसलिए हम आपके लिए लेकर आए है इसके सेवन से होने वाले लाभ, अगर आप भी तेजपत्ता के फायदे जानना चाहते है तो इस लेख को पूरा पढे। 

आजकल लोगों के लिए सिरदर्द की समस्या आम हो गई है। दिन भर काम का तनाव, भाग-दौड़, कंप्यूटर पर लगातार काम, फोन के स्क्रीन पर लगातार काम, ज्यादा धूप में घूमना, ज्यादा ठंड, ऐसे असंख्य सिरदर्द होने के कारण है। इसके लिए तेजपत्ता का घरेलू उपाय बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। दस ग्राम तेजपत्ता के पत्तों को जल में पीसकर, कपाल पर लेप करने से ठंड या गर्मी से उत्पन्न सिरदर्द से आराम मिलता है।

आँख संबंधी बीमारियों जैसे- सामान्य आँख में दर्द, रतौंधी, आँख लाल होना आदि। इन सब तरह के समस्याओं में तेजपत्ता से बना घरेलू नुस्ख़ा बहुत काम आता है। तेजपत्ता को पीसकर आंख में लगाने से आँख संबंधी बीमारी से भी राहत मिलती है।

हर बार जब मौसम बदलता है या ज्यादा ठंड का मौसम आता है तब दम के मरीज की परेशानी बढ़ जाती है। तेजपत्ता और पीपल को 2-2 ग्राम की मात्रा में अदरक के मुरब्बे की चाशनी के साथ चटाने से दमा के बीमारी में लाभ मिलता है। इसके अलावा सूखे तेजपत्ता के चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में एक कप गर्म दूध के साथ सुबह-शाम नियमित सेवन करने से सांस संबंधी समस्या में लाभ होता है।

अगर लीवर में किसी बीमारी के कारण सूजन हो गई है तो तेजपत्ता का इस तरह से सेवन करने पर जल्दी आराम मिलता है। समान मात्रा में तेजपत्ता, लहसुन, काली मरिच, लौंग तथा हल्दी के चूर्ण का काढ़ा बनाकर 10-20 मिली मात्रा में पीने से लीवर संबंधी रोगों में लाभ मिलता है।

त्वचा के लिए तेज पत्ता बहुत फायदेमंद है। इसलिए, इसके एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल कॉस्मेटिक उद्योग में क्रीम, इत्र और साबुन बनाने में किया जाता है। यह त्वचा को गहराई से साफ कर सकता है, क्योंकि इसमें एस्ट्रिंजेंट गुण मौजूद होता है। साथ ही तेज पत्ते का प्रयोग स्किन रैशेज और कीड़ों एवं मच्छरों से सुरक्षा पाने में भी किया जाता है।

तेज पत्ता एंटीफंगल गुणों से भी समृद्ध होता है। यह विशेष रूप से यीस्ट संक्रमण के खिलाफ प्रभावी रूप से काम कर सकता है। इसलिए, त्वचा संबंधी फंगल संक्रमण के लिए तेज पत्ते का एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध एक वैज्ञानिक शोध से होती है।

तेज पत्ता रात को अच्छी नींद के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए तेज पत्ते के तेल की बूंदों को मिलाकर कुछ देर के लिए ऐसे ही रखे। उसके बाद उसे अच्छी तरह से सिर पर लगाएं। यह अच्छी नींद के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसके विपरीत अगर आपको बहुत नींद आती है तो रात भर तेज पत्ते को एक बर्तन में पानी के साथ भिगो दें। सुबह उठकर उस पानी को पी लें। इससे शरीर में स्फूर्ति आती है और नींद भी भाग जाती है।

तेज पत्ता फोलिक एसिड से समृद्ध होता है। इसलिए गर्भावस्था से तीन महीने पहले और तीन महीने बाद के दौरान बेहद फायदेमंद होता हैं। तेजपत्‍ता का उपयोग बच्चे के लिए पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड प्रदान करता है और जन्म दोष को रोकने में मदद करता है। तेज पत्ता  का गर्भावस्था में भी उपयोग कर सकते हैं।

तेज़ पत्ते का स्वाद कड़वा होता है। इसमें एक तरह का एंटी ओक्सिडेंट पाया जाता है, जो शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बढाने तथा ग्लूकोज़ लेवल को नियमित रखने के लिए खूब आवश्यक होता है। डायबिटीज के मरीजों को दवा लेने के बाद तेज पत्तासे बनी चाय का सेवन बहुत फायदा पहुंचाता है।