ये पाच काम करने वाला मनुष्य रहेता हे हमेशा दुखी: जानिए क्या लिखा हे गरुडपुराण मे इस बारे मे

गरुड़ पुराण हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इस पवित्र ग्रंथ मे भगवान विष्णु की भक्ति का विस्तृत से वर्णन किया गया है। हिन्दू धर्म की परंपरा के अनुसार, किसी भी मनुष्य की मृत्यु के बाद इस ग्रंथ का पाठ किया जाता है। गरुड़ पुराण में व्यक्ति के जीवन से जुड़ी कई बातों के बारे मे उल्लेख है। इसमें बताया गया है कि व्यक्ति की कुछ गलतियां सौभाग्य को दुर्भाग्य में बदल देती हैं।

कभी अपने धन पर घमंड नहीं करना चाहिए: पवित्र ग्रंथ गरुड़ पुराण मे लिखा हे की मनुष्य को कभी भी अपनी दौलत पर घमंड नहीं रखना चाहिए। बौद्धिक क्षमता कम होने का मुख्य कारण अंहकार है। और इस अहंकार की वजह से व्यक्ति अन्यों का अपमान करने लगता हैं। गरुण पुराण में किसी भी व्यक्ति को नीचा दिखाना या अपमानित करना पाप बताया गया है। धन-दौलत पर घमंड रखने वाले मनुष्यों से मां लक्ष्मी रुठ जाती हैं और ऐसे लोगों का धन नष्ट होने लगता है।

दुरसों के धन के प्रति लालच की भावना:  गरुड़ पुराण मे लिखा गया हे की अन्य के धन के प्रति लालच करने वाले मनुष्य कभी खुशहाल जीवन नहीं बिताते हैं। ज्यादा धन की लालच रखना और दूसरे मनुष्य के धन को प्राप्त करने का प्रयास करना व्यक्ति को इस जन्म के साथ अगले जन्म तक संतुष्ट नहीं कर पाता है।

अन्य मनुष्य का अपमान करना: इस ग्रांथ मे अपमान के बारे मे लिखा गया हे की किसी भी व्यक्ति को नीचा दिखाना या अपमानित करना सबसे बड़ा पाप होता है। दूसरों की निंदा करते समय बहुत व्यक्ति खुश होते हैं लेकिन हकीकत मे वह अपना कीमती समय बर्बाद कर देते हैं। दूसरों को नीचा दिखाने वाले मनुष्य कभी अपने आप को खुश नहीं रख पाते हैं।

गंदे कपड़े पहहने से नाराज रहते हे लक्ष्मीदेवी: गरुड़ पुराण मे कहा हे की व्यक्ति को हमेशा साफ-स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। मैले या गंदे कपड़े पहनने वालों पर माता लक्ष्मीदेवी कभी अपना आशीर्वाद नहीं देती हैं। गंदे कपड़ों को दरिद्रता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए व्यक्ति को हमेशा साफ-सफाई से रहना और स्वच्छ कपड़े धारण करने चाहिए।

शाम के समय दही खाने से: गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति को कभी भी रात में दही का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे सेहत गिरती है और व्यक्ति को शारीरिक कष्ट उठाना पड़ता है।