Health

विटामिन सी से भरपूर यह फल सर्दी, खून के थक्के, फ्लू और त्वचा रोगों में 100% फायदेमंद है

संतरा ग्रीष्म ऋतु का फल है। इसमें विटामिन 'सी' अधिक होता है। संतरे का रस तथा छिलका दोनों ही प्रयोग…

5 years ago

गले की खराश, पेशाब, पेट और छाती के लिए 100% कारगर उपाय हे इसका सेवन , जानने के लिए यहा क्लिक करे

दही को संस्कृत में दधि, पयसी, मंगव्य, अनेतर, क्षरज, दिग्ध और तक्रजन्य कहते हैं। दही के विषय में सभी जानते…

5 years ago

विछी जैसे किसी भी कीट के काटने पर इस उपाय को तुरंत करे , इससे नहीं होगा बिल्कुल भी दर्द और तुरंत हो जाएगा गायब

यदि बिच्छू के काटने पर तुरंत उपचार न किया जाए तो इसका जहर हृदय, स्नायुओं और सीने की मांसपेशियों में…

5 years ago

मोनसून में इसका पूरा सेवन करें, आप साल भर स्वस्थ रहेंगे, आपको एक रुपये की दवा लेने की जरूरत नहीं है

करेला को संस्कृत में कारवेल्ली व अंबुबाल्लिका, उग्रकांड कंटफला कहते हैं। यह एक जानी पहचानी वनस्पति है, जो समस्त भारत…

5 years ago

जानिए आयुर्वेद के सबसे शक्तिशाली रस के बारे में, जो 50 से अधिक बीमारियों को ठीक कर सकता है

अदरक का इस्तेमाल लगभग हर भारतीय रसोई में मुख्य सामग्री के रूप में किया जाता है। सब्जी में डालना हो…

5 years ago

पुरानी खांसी, कफ, गले में खराश जैसी 50 से अधिक बीमारियों के लिए यह घरेलू उपाय बिना किसी खर्च के 100% कारगर है

काली मिर्च, मसालों में एक जाना पहचाना नाम है। संस्कृत में इसे रुधिर, पवित, यवनप्रिय, वल्लिज, कटुक वृतफल इत्यादि कहते…

5 years ago

रोजाना 1 मुट्ठी सोयाबीन खाने से मिलते है यह जबरदस्त फायदे जानने के लिए यहा क्लिक करे

विश्व में आज सोयाबीन का इतना बोलबाला है कि आधुनिक संसार में जिन कुछ वनस्पतियों ने सारे मानव समाज का…

5 years ago

यह लाखों रुपये की दवा से भी ज्यादा काम करता है।अपनी बीमारी का इलाज जानने के लिए यहां क्लिक करें

केला एक पेड़ है। जो भारतवर्ष में सभी जगह बहुतायत में पाया जाता है। इसके पत्ते हरे तथा बहुत बड़े-बड़े…

5 years ago

औषधीय गुणों से भरपूर है लहसुन, अनेक रोगों का करता है निवारण जानने के लिए यह क्लिक करे

लहसुन को संस्कृत में लशुन, महाकन्द, अरिष्ट, रसीन, महौषधि, म्लेच्छाकन्द, उग्रगन्ध इत्यादि कहते हैं। लहसुन एक मशहूर वस्तु है, जो…

5 years ago

कच्चा प्याज खाना से होते हे ये जबरदस्त फायदे, एक बार इस लेख को पढ़ लेने के बाद आप रोज प्याज खाते रहेंगे

प्याज को हिन्दी में कांदा तथा संस्कृत में पलांडु, यवनेष्ट, दुर्गंध, मुखदूषक, शुद्रप्रिय, कृमिघ्न, नृपेष्ट इत्यादि कहते हैं। प्याज खेतों…

5 years ago